अश्वत्थामा

Ashwatthama

(Son of Drona in the Hindu epic Mahabharata)

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अश्वत्थामा: महाभारत का एक महत्वपूर्ण पात्र

अश्वत्थामा, जिन्हें द्रोणी भी कहा जाता है, हिंदू महाकाव्य महाभारत में एक प्रमुख पात्र हैं। वे द्रोणाचार्य के पुत्र थे और कौरवों के सबसे बड़े भाई दुर्योधन के मित्र थे।

युद्ध प्रशिक्षण और योग्यता:

अश्वत्थामा को उनके पिता द्रोणाचार्य ने कौरवों और पांडवों के साथ युद्ध कला में प्रशिक्षित किया था। वे एक महारथी थे, यानि एक उच्च-कोटि योद्धा, जिन्होंने कुरुक्षेत्र युद्ध में कौरवों की तरफ से पांडवों के खिलाफ लड़ाई लड़ी।

अश्वत्थामा और ब्रह्मास्त्र:

अश्वत्थामा कई दिव्य अस्त्रों के ज्ञाता थे, जिनमे नारायणास्त्र, ब्रह्मास्त्र, ब्रह्मशीरास्त्र, और अन्य शामिल हैं।

उत्तरा के गर्भ में बच्चे को मारने का प्रयास और श्राप:

युद्ध के दौरान, अश्वत्थामा ने उत्तरा के गर्भ में पांडवों के वंश को खत्म करने के लिए एक दिव्य अस्त्र का उपयोग किया। इस क्रूर कृत्य के लिए श्री कृष्ण ने अश्वत्थामा को अमरता का श्राप दिया, जिसका अर्थ है कि वह मर नहीं सकता था, लेकिन उसे हमेशा दुख और पीड़ा झेलनी होगी।

निष्कर्ष:

अश्वत्थामा एक जटिल पात्र थे, जो अपनी शक्ति और योग्यता के लिए जाने जाते थे, लेकिन अपने क्रूर कृत्यों और श्राप के कारण विवादित भी थे। महाभारत में उनके चरित्र का अध्ययन हमेशा से ही विद्वानों के लिए एक विषय रहा है।


Ashwatthama, also referred to as Drauni, is the son of Drona and a major character in the Hindu epic, the Mahabharata.



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