इंद्रप्रस्थ
Indraprastha
(Ancient city in present-day Delhi, India)
Summary
इंद्रप्रस्थ: पांडवों की राजधानी
इंद्रप्रस्थ, जिसका अर्थ है "इंद्र का मैदान" या "इंद्र का शहर", प्राचीन भारतीय साहित्य में कुरु साम्राज्य के एक महत्वपूर्ण शहर के रूप में वर्णित है। महाभारत के अनुसार, यह पांडवों के नेतृत्व वाले राज्य की राजधानी थी। बौद्ध ग्रंथों में इसे "इंदपत्त" नाम से भी जाना जाता है और यह कुरु महाजनपद की राजधानी बताई गई है।
आधुनिक ऐतिहासिक शोध इंद्रप्रस्थ को वर्तमान दिल्ली के क्षेत्र, खासकर पुराने किले (पुराना किला) के आसपास स्थापित करते हैं। इस शहर को कभी-कभी "खांडवप्रस्थ" या "खांडव वन" भी कहा जाता है। यह यमुना नदी के तट पर स्थित एक वन क्षेत्र था जिसे महाभारत के अनुसार, कृष्ण और अर्जुन ने शहर बनाने के लिए साफ किया था।
यहाँ कुछ अतिरिक्त जानकारी दी गई है:
- इंद्रप्रस्थ का महत्व: यह शहर न केवल अपनी राजनीतिक शक्ति के लिए जाना जाता था, बल्कि अपनी समृद्धि, वैभव और वास्तुकला के लिए भी प्रसिद्ध था।
- महाभारत में भूमिका: महाभारत में इंद्रप्रस्थ का विस्तृत वर्णन मिलता है, जिसमें इसके निर्माण, पांडवों के साथ इसके संबंध और कौरवों के साथ हुए युद्ध में इसकी भूमिका का वर्णन है।
- आधुनिक दिल्ली से संबंध: माना जाता है कि दिल्ली के कई ऐतिहासिक स्थल, जैसे पुराना किला और आसपास के क्षेत्र, प्राचीन इंद्रप्रस्थ के अवशेष हैं।
यह ध्यान रखना ज़रूरी है कि इंद्रप्रस्थ के बारे में बहुत सी जानकारी मिथकों और किंवदंतियों पर आधारित है। हालांकि, पुरातात्विक साक्ष्य और ऐतिहासिक ग्रंथ इस बात की पुष्टि करते हैं कि यह एक वास्तविक शहर था जो प्राचीन भारत में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता था।