गोकुल
Gokul
(Town in Uttar Pradesh, India)
Summary
गोकुल: कृष्ण की बचपन की भूमि
गोकुल, उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित एक शहर है। यह मथुरा से 15 किलोमीटर (9.3 मील) दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
हिंदू धर्म में गोकुल का महत्व:
गोकुल, हिंदू धर्म में एक बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है, क्योंकि यह भगवान कृष्ण की बचपन की भूमि थी। माना जाता है कि कृष्ण ने अपनी बाल्यकाल यहाँ नंद और यशोदा के घर पर बिताया था। यहाँ पर कृष्ण ने अपने भाई बलराम के साथ खेले, यमुना नदी में स्नान किया और गायों को चराया।
गोकुल में देखने लायक स्थान:
- नंद बाबा का मंदिर: यह मंदिर नंद और यशोदा के घर के पास स्थित है। यह मंदिर श्री कृष्ण के पालक पिता नंद को समर्पित है।
- रास मंडल: यह स्थान, जहां कृष्ण ने गोपियों के साथ रास ली थी, वह भी गोकुल में है।
- यमुना नदी: गोकुल यमुना नदी के किनारे स्थित है। इस नदी का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है।
- श्री राधा रानी का मंदिर: यह मंदिर भगवान कृष्ण की प्रेमिका राधा को समर्पित है।
- गोवर्धन पर्वत: यह पर्वत गोकुल से कुछ दूरी पर स्थित है। हिंदू धर्म के अनुसार कृष्ण ने इस पर्वत को अपनी छोटी उंगली पर उठाकर गोकुलवासियों को वर्षा से बचाया था।
गोकुल में उत्सव:
गोकुल में पूरे साल कई धार्मिक उत्सव मनाए जाते हैं। इनमें से कुछ उत्सव हैं:
- जन्माष्टमी: भगवान कृष्ण का जन्मदिन गोकुल में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
- होली: यह रंगों का उत्सव भी गोकुल में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।
- रक्षा बंधन: यह उत्सव भी गोकुल में बहुत धूमधाम से मनाया जाता है।
गोकुल आने का सबसे अच्छा समय:
गोकुल घूमने का सबसे अच्छा समय अक्टूबर से मार्च के बीच होता है।
गोकुल कैसे जाएँ:
गोकुल मथुरा से 15 किलोमीटर दूर है। आप यहां कार, बस या ट्रेन से जा सकते हैं।
गोकुल के बारे में कुछ दिलचस्प तथ्य:
- गोकुल, भारत के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थानों में से एक है।
- यह कृष्ण के बचपन से जुड़े कई पवित्र स्थानों का घर है।
- गोकुल में बहुत ही शांत और शांतिपूर्ण वातावरण है।
गोकुल, कृष्ण प्रेमियों के लिए एक बहुत ही पवित्र और आध्यात्मिक स्थान है।