द्वारका
Dvārakā
(Sacred historical city and pilgrimage site associated with Hindu god Krishna)
Summary
द्वारका: पवित्र इतिहास और पौराणिक कथाओं का केंद्र
द्वारका, जिसे द्वारवती भी कहा जाता है, हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म की पवित्र साहित्य में एक पवित्र ऐतिहासिक शहर है। यह शहर संस्कृत शब्द "द्वारका" से लिया गया है, जिसका अर्थ है "दरवाज़े वाला शहर", संभवतः कई दरवाज़ों वाला या एक या कई विशाल दरवाज़ों वाला।
द्वारका का नामकरण:
हिन्दू धर्म के एक प्रमुख देवता, कृष्ण ने इस शहर का नाम द्वारका रखा था। यह शहर हिन्दू धर्म के सात पवित्र शहरों, "सप्तपुरी" में से एक है।
महाभारत में द्वारका:
महाभारत में वर्णित है कि यह शहर आज के द्वारका में स्थित था, जिसे पहले कुशस्थली कहा जाता था। यहाँ यादवों ने अपने किले की मरम्मत करवाई थी। महाकाव्य में, यह शहर अनर्त राज्य की राजधानी के रूप में वर्णित है।
हरिवंश पुराण में द्वारका:
हरिवंश पुराण के अनुसार, यह शहर सिंधु राज्य के क्षेत्र में स्थित था।
पौराणिक कथाओं में द्वारका:
हिन्दू महाकाव्यों और पुराणों में, द्वारका को द्वारवती कहा जाता है और यह सात तीर्थ स्थलों में से एक है, जो आध्यात्मिक मुक्ति के लिए पवित्र माने जाते हैं। अन्य छह तीर्थ स्थल हैं: मथुरा, अयोध्या, काशी, कांचीपुरम, अवंतिका (उज्जैन) और पुरी।
संक्षेप में, द्वारका हिन्दू धर्म, जैन धर्म और बौद्ध धर्म में एक पवित्र और महत्वपूर्ण शहर है। इसके इतिहास और पौराणिक कथाओं के कारण, यह धार्मिक पर्यटन के लिए एक प्रमुख स्थल बना हुआ है।