किष्किन्धा
Kishkindha
(Vanara kingdom in Ramayana)
Summary
किष्किन्धा: वानरों का राज्य (Kishkindha: Kingdom of the Vanaras)
हिन्दू धर्म में, किष्किन्धा वानरों का एक प्रसिद्ध राज्य था। रामायण के अनुसार, यह राज्य राजा सुग्रीव के अधीन था, जो अपने बड़े भाई बाली से छोटे थे। सुग्रीव को उनके मंत्री और परम मित्र हनुमान का पूरा सहयोग प्राप्त था।
त्रेता युग में दंडक वन:
त्रेता युग में, यह पूरा क्षेत्र घने दंडक वन का हिस्सा था। इस वन की स्थापना राजा दंड ने की थी जो स्वयं इक्ष्वाकु के पुत्र और सत्य युग के प्रसिद्ध राजा वैवस्वत मनु के वंशज थे। दंडक वन विंध्य पर्वत श्रृंखला से दक्षिण भारतीय प्रायद्वीप तक फैला हुआ था। इसी कारण से, किष्किन्धा को वानरों का राज्य माना जाता था।
द्वापर युग में पांडवों का आगमन:
महाभारत के अनुसार, द्वापर युग में पांडवों ने भी इस राज्य का भ्रमण किया था। युधिष्ठिर के राजसूय यज्ञ के लिए दक्षिण भारत से कर एकत्रित करते समय पांडवों ने किष्किन्धा में कुछ समय बिताया था।
विस्तार से:
- किष्किन्धा: वानरों का एक प्राचीन और शक्तिशाली राज्य था।
- राजा सुग्रीव: बाली के छोटे भाई और किष्किन्धा के राजा।
- हनुमान: सुग्रीव के मंत्री और परम मित्र, जिन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है।
- त्रेता युग: रामायण का काल, जब किष्किन्धा दंडक वन का हिस्सा था।
- दंडक वन: एक विशाल और घना जंगल जो विंध्य पर्वत से दक्षिण भारत तक फैला हुआ था।
- द्वापर युग: महाभारत का काल, जब पांडवों ने किष्किन्धा का भ्रमण किया था।
यह जानकारी रामायण और महाभारत जैसे हिन्दू ग्रंथों पर आधारित है।